MSME से सेक्टर पर और अर्थव्यवस्था पर कितना पड़ा है प्रभाव, जानिए

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कोरोना महामारी हमारे जीवनकाल की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक घटना है। 2020 की बात करें तो मार्च के बाद देश में लॉकडाउन लगा दिया गया। सब कुछ बंद हो गया। इसका असर अर्थव्यवस्था पर तो पड़ा ही, साथ ही एमएसएमई सेक्टर पर भी पड़ा। चुंकि, एमएसएमई मालिकों के पास इतना संसाधन नहीं होता है, जिससे वह, बिना बिक्री के बिजनेस को चला सकें। जिसकी वजह से बहुत एमएसएमई पर बहुत खराब प्रभाव पड़ा। इस संकठ से उबरने के लिए कुछ समय लगेगा। हालांकि, बिजनेस लोन की सहायता लगातार प्रदान की जा रही है। 

कोरोना के बाद बिजनेस का तरीका बदल गया 

बिजनेस करने का तरीका अब बदल गया है, और इसका बड़ा प्रभाव लोगों और आजीविका पर पड़ा है। भारतीय एमएसएमई संघ दिल्ली के अनुसार भारत में अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में काम करने वाले कुल 400 मिलियन लोगों (कुल कर्मचारियों में से 76.2%) को गरीबी रेखा से नीचे जाने का खतरा था, क्योंकि अनिश्चित अवधि और कोरोनोवायरस के गंभीर आर्थिक प्रभाव के कारण, विशेष रूप से लोगों को नौकरी से निकाला जा रहा था और बहुत आधी सैलरी में काम करने के लिए बाध्य किया गया। जिसका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ा है। 

MSMEs, भारत की समावेशी विकास की रीढ़ हैं। जो कि इस महामारी के गंभीर व्यवधानों का सामना किया है। हालांकि, कुछ व्यवसायों के लिए यह संकठ मुनाफा का सौदा भी बनकर आया। तो कुछ ईकाइयों द्वारा अपने बिजनेस में प्रोडक्ट बदल कर उत्पादन किया जाने लगा। ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम अब पूरी तरह से प्रचलन में आ चुका है। अब आधुनिकीकरण को तेज गति से हो रहा है।  

एमएसएमई के विकास के लिए बिजनेस लोन 

भारत के विशाल एमएसएमई क्षेत्र को फिर से खड़ा करने के लिए और विस्तार करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बिजनेस लोन की योजना चल रही है। जिसके तहत स्ट्रेस्ट एमएसएमई को भी लोन सुविधा प्रदान की जा रही है। सरकार द्वारा 20 हजार करोड़ रुपये का पैकेज जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त मुद्रा लोन योजना और प्रधानमंत्री क्रेडिट गारंटी योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत वित्तिय सुविधा प्रदान की जाती है। 

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अगर, प्राइवेट सेक्टर से मिल रही मदद के बारे में बात करें, तो यहां से भी अच्छी सूचना है कि एनबीएफसी के तरफ से, फिर से, बिजनेस लोन देने का प्रोसेस शुरु कर दिया गया है। इसका लाभ एमएसएमई उठा भी रहे हैं। देश की प्रमुख एनबीएफसी ZipLoan की तरफ से एमएसएमई कारोबारियों को 7.5 लाख तक का बिजनेस लोन, सिर्फ 3 दिनों* में प्रदान किया जाता है। 

एमएसएमई के सामने चुनौती 

कई बड़े उद्योगो को विचार करना पड़ा है कि भविष्य में उनके व्यवसाय का क्या होगा, और इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) सेक्टर अछूता नहीं है। फिर भी कई वर्षों तक डिजिटलीकरण क्षेत्र की वृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरणा रहा है। और, विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में, कई और अधिक एमएसएमई ने पारंपरिक प्लेटफार्मों से डिजिटल बुनियादी ढांचों का उपयोग करके अपने बिजनेस को आधुनिक बना लिया है। लेकिन, अभी भी बहुत से एमएसएमई डिजिटल अपनाने की अपेक्षित पर पीछे रह गए हैं, बस काम करने के डिजिटल तरीकों को अपनाने और अनुकूलन के महत्व को कम करके आंकने की बात कह रहे हैं।  

बिजनेस को डिजीटल प्लेटफॉर्म पर ले जाना चाहिए 

लॉकडाउन के दौरान कई एमएसएमई व्यवसाय ने महसूस किया है कि डिजिटल कितना महत्वपूर्ण है और इसलिए या तो अपनी खुद की वेबसाइट शुरू की है या ई-कॉमर्स पर अपनी पेशकश का विस्तार किया है। एंड्योरेंस इंटरनेशनल ग्रुप के एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि लगभग 50 प्रतिशत एमएसएमई ने व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और व्हाट्सएप को अपनाया। यह लॉकडाउन के शुरुआती महीनों में ई-कॉमर्स से राजस्व योगदान में करीब 50 प्रतिशत वृद्धि का संकेत देता है। 

अपने उत्पादों और सेवाओं की मार्केटिंग के लिए एक चैनल के रूप में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के अलावा, डिजिटल उपकरण एमएसएमई को विभिन्न तरीकों से मदद करने में भी उपयोगी हो सकते हैं। यह उनके लिए अपने व्यवसाय को पुनः प्राप्त करने और उनके पहुंच, आधुनिकीकरण, और नई व्यावसायिक प्रक्रियाओं के साथ अपने उद्यमों को अद्यतन करने और व्यापार के विकास के लिए अपने विपणन प्रयासों में सहायता करने का एक बड़ा अवसर है। 

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कोरोना के बाद का बिजनेस 

आज जितने भी व्यवसाय दिखाई दे रहे हैं, व्यवसाय की निरंतरता में सहायता के लिए डिजिटल जाना (आवश्यक सक्षम साधनों के साथ) एक शॉर्ट टर्म समाधान हो सकता है, लेकिन कई लोग इसे अभी भी व्यापार को व्यवहारिक बनाने के लिए लांग टर्म समाधान के रूप में देख रहे हैं। डिजिटल जाने और टेक्नोलॉजी के उपयोग के माध्यम से, MSMEs न केवल बाजार और दर्शकों की पहुंच के मार्ग का आधुनिकीकरण कर सकते हैं, बल्कि भुगतान को सुव्यवस्थित कर सकते हैं, ऑनलाइन बिजनेस लोन प्राप्त कर सकते हैं। 

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